वन सम्मोहक, गहरा और घनेरा
मंज़िल है वादों की पूरी करनी
मीलों चलना अभी मुझे है, सो जाने से पहले
मीलों चलना अभी मुझे है, सो जाने से पहले
- कवि राबर्ट फ्रास्ट की ये प्रसिद्द पंक्तियाँ नेहरू जी की मेज पर उनके अंतिम समय तक रहीं
मंज़िल है वादों की पूरी करनी
मीलों चलना अभी मुझे है, सो जाने से पहले
मीलों चलना अभी मुझे है, सो जाने से पहले
- कवि राबर्ट फ्रास्ट की ये प्रसिद्द पंक्तियाँ नेहरू जी की मेज पर उनके अंतिम समय तक रहीं
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