मैं सांस लेता हूं तेरी खुशबू आती है
Showing posts with label
मित्र
.
Show all posts
Showing posts with label
मित्र
.
Show all posts
Thursday, November 6, 2014
अँधेरी रात में तारों ने
अँधेरी रात में तारों ने साथ छोड़ दिया
जब वक़्त पड़ा तो यारों ने साथ छोड़ दिया
- नमालूम
आती है बाढ़
आती है बाढ़ किनारे डूब जाते हैं
नए यार आते हैं पुराने छूट जाते हैं
- नमालूम
आप जैसा साथी मिले
दूध में पड़े चावल को खीर कहते हैं
आप जैसा साथी मिले तो तकदीर कहते हैं
- नमालूम
डूबी हुयी कश्ती
डूबी हुयी कश्ती को किनारा चाहिए
मेरे दोस्त मुझे तुम्हारा सहारा चाहिए
- नमालूम
ऐ दोस्त
ऐ दोस्त दोस्ती सम्हल के करना
हर दोस्त वफादार नहीं होता
- नमालूम
दोस्ती जितनी ही
दोस्ती जितनी ही बढ़ाते जाओ
हर एक दोस्त नया जख्म लगा जाएगा
- नमालूम
मांगी दवा
मांगी दवा तो उसने ज़हर पिला दिया
क्या खूब हमारी दोस्ती का सिला दिया
- नमालूम
मतलब की दुनिया में
मतलब की दुनिया में
कौन किसी का होता है
धोखा वही देता है
जिस पर भरोसा होता है
- नमालूम
मित्रता बड़ा अनमोल रतन है
मित्रता बड़ा अनमोल रतन है
कब इसे तौल सकता है धन
जीवन का मूल समझता हूँ
धन को मैं धूल समझता हूँ
- नमालूम
दोस्त ही दोस्त का साथ दिया करते हैं
दोस्त ही दोस्त का साथ दिया करते हैं
दोस्त ही दोस्त को ग़म दिया करते हैं
मगर ज़िन्दगी में कुछ पल ऐसे भी आते हैं
जब दोस्त ही दोस्त को बदनाम किया करते हैं
- नमालूम
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)