परिस्थितियां बदलते वक़्त नहीं लगता . क्षणों में ही मनुष्य कहाँ से कहाँ
पहुँच जाता है . रहते हैं तो सिर्फ कुछ अनुभव साथ में . जो मनुष्य को ठोकर
खाने से बचाते हैं. जीवन में सदैव बदलाव आते रहते हैं. मनुष्य को अपने
भविष्य निर्माण के लिए कभी - कभी दुःख के साथ भी समझौता करना पड़ता है. ऐसे
समय में न चाहते हुए भी दुखमय जीवन व्यतीत करना पड़ता है जबकि अगर वह चाहे
तो उसकेजीवन में सुख ही सुख है. परन्तु समय किसी के साथ समझौता नहीं करता
है
- नमालूम
- नमालूम
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